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विजय थलापति: सुपरस्टार वह तमिलनाडु के मुख्यमंरी बन गए हैं।

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विजय थलापति: सुपरस्टार वह तमिलनाडु के मुख्यमंरी बन गए हैं।     दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार जिन्हें लोग प्यार से “थलापति” कहते हैं, आज केवल एक अभिनेता नहीं बल्कि लाखों लोगों की उम्मीद बन चुके हैं। उनकी फिल्मों ने मनोरंजन की दुनिया में कई रिकॉर्ड बनाए हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उनकी राजनीतिक गतिविधियों ने लोगों का ध्यान और भी ज्यादा आकर्षित किया है। तमिलनाडु की राजनीति में उनके प्रवेश के बाद यह सवाल लगातार उठ रहा है कि क्या विजय भविष्य में राज्य के मुख्यमंत्री बन सकते हैं। विजय की लोकप्रियता केवल सिनेमा तक सीमित नहीं है। उनकी फिल्मों में अक्सर सामाजिक न्याय, शिक्षा, भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज और गरीबों की मदद जैसे विषय देखने को मिलते हैं। यही कारण है कि युवाओं और आम जनता के बीच उनकी छवि एक ऐसे नेता की बनती जा रही है जो समाज के लिए कुछ बड़ा करना चाहता है। उनकी फैन फॉलोइंग तमिलनाडु के गांवों से लेकर शहरों तक फैली हुई है।   विजय थालापाटी राजनीति पार्टी कैसे घोषितक किए   हाल ही में विजय ने अपनी राजनीतिक पार्टी की घोषणा कर यह स्पष्...

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ले उप्र में प्रयागराज में नक़ली प्लेटलेट्स का खुलासा हुआ और अब आगरा में नक़ली दवाई के गोरखधंधे का भंडाफोड़ हुआ है। कुल मिलाकर उप्र में पूरब से लेकर पश्चिम तक सब जगह ड्रग माफ़ियाओं का राज चल रहा है। इसका सरगना कौन है? पूरे प्रदेश में नक्कालों का बोलबाला है। इतने बड़े नेटवर्क को चलानेवालों के तार किस सत्ताधारी से जुड़े हैं और उनके सिर पर किसका हाथ है, इसका पर्दाफ़ाश होना ही चाहिए। ये आम जनता के जीवन का सवाल है। अगर उप्र में कोई स्वास्थ्य-चिकित्सा का मंत्री हो तो माननीय मुख्यमंत्री जी उन्हें बुलाकर पूछें कि ऐसा क्यों हो रहा है? अगर ये गोरखधंधा पुलिस विभाग की मिलीभगत से हो रहा है तो वो स्वयं इसके लिए ज़िम्मेदार हैं। जब जाँच हो तो ये भी पता कर लीजिएगा कि कानपुर-प्रयागराज हाईवे पर अल्लीपुर में, आपके समय में बने नये मेडिकल कॉलेज में दरारें क्यों पड़ गयीं और लीकेज क्यों हो रही है। लीकेज होकर भ्रष्टाचार का पैसा किसकी जेब में गया। अगर इन सब बातों पर चुप्पी साधी गयी तो जनता की शक की सुई किसी भी तरफ़ घूम सकती है। जनता कह रही है, ‘नक़ली चुनाव’ से बननेवाली ‘नक़ली सरकार’ से उम्मीद करना बेकार है। अपने जीवन की रक्षा के लिए स्वयं ही सचेत और सावधान रहना पड़ेगा। डबल इंजन के भरोसे तो डबल ख़तरा है। जन-जन कहे आज का, नहीं चाहिए भाजपा!

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